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Monday, November 18, 2013


Friday, September 6, 2013

अनुसंधान के अनुसार

जय श्री राहू .......मित्रों जैसा की अनुसंधान के अनुसार पहले कहा गया था की श्री राहू सत्रह सितम्बर को अपनी पूर्व अवस्था में पुनः वापसी करेंगे सो श्री राहु वापसी पर ही हैं . परन्तु राहु जिस वेग से आये थे उसके दुगने वेग से वापसी करेंगे और जाते हुए राहु पूर्ण शक्ति सशक्ति से अपना रौद्र रूप दिखाने को आतुर होंगे जिसका परिणाम शेयर बाज़ार से लेकर सम्पूर्ण विश्व पर होने की संभावना है ! जाते राहु जैसा की सब देख रहे हैं युद्ध की आहट  दे ही चुके हैं इसके अलावा बड़ी आतंकी घटना और प्राकर्तिक आपदा तथा दुर्घटनाओ के योग प्रबल हैं ! कुल मिलाकर ये समय यानी आज से सत्रह सितम्बर तथा उसके बाद राहु प्रस्थान में लगने वाला काल्पनिक समय दस दिन यानी सत्ताईस सितम्बर तक सावधान रहने की आवश्यकता है ! श्री राहु का प्रकोप से बचने के लिए सिर्फ राहु  मन्त्र के जाप की सलाह दी जाती है !

श्री राहू कृपा करें ...............

Sunday, June 30, 2013

अनुसंधान के अनुसार

जय श्री राहू ........अनुसंधान के अनुसार श्री राहु जी कहते हैं की :--

चेतावनी नहीं अब रण होगा

संघर्ष महा भीषण होगा !

कैसे राहु पलट सके है कितनो की तकदीर

समय दिखाए कैसे कैसे राजा बने फकीर !

जो भी देखा अभी तलक वो तो  केवल झांकी है

देखो लीला कटे शीश की अभी बहुत सी  बाकी है !!

ये पाताली राजा अपने असली रूप में आएगा

जल थल  अग्नि  आकाश पवन पर अपना रूप  दिखायेगा !!

नरमुंडों के ढेर लगेंगे लाश होगी लाश पर

रक्त के नाले बहेंगे देखना आकाश पर !!


श्री राहु कृपा करें ..........

Tuesday, June 25, 2013

अनुसंधान के अनुसार

जय श्री राहू ........ अनुसंधान के अनुसार श्री राहू जी कहते हैं की मकर लग्न की पत्रिका बनती है जिसमे राहू शनि चन्द्र दशम भाव में बैठे हैं ! यहाँ से श्री केतु महाराज काल सर्प (ज्योतिष भाषा में )का निर्माण करते हैं परन्तु अनुसंधान के अनुसार श्री राहू जी कहते हैं की जो भी अभी दो दिन पहले हुआ जिसमे की सरकार का दावा है की दो सौ लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे परन्तु वास्तव में ये आंकड़ा पंद्रह हज़ार के पार जा सकता है !

खैर अनुसंधान से जो बात सामने आई है वो ये है की श्री राहु अभी कहीं से भी शांत होते नहीं लगते ! लगभग बाईस डिग्री के राहु अभी चौबीस या पच्चीस जून के आस पास या फिर इसके बाद बड़ी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं ! यकीं मानिए मेरा अभिप्राय किसी को भयभीत करने से नहीं है ! परन्तु राहु के शिकंजे में काल पहले से था और रही सही कसर अस्त होते मार्गी देव गुरु ब्रहस्पति कर दी है अब शुक्र और चन्द्र बस शान्ति से राहु के सामने सर नतमस्तक कर खड़े रहने के सिवा कुछ नहीं करेंगे ! वहीँ न्यायधीश शनि ने अपने सभी फैसलों को अमल में करने के लिए श्री राहू का रास्ता खुला छोड़ा है !

प्राकर्तिक आपदा का ये दौर शायद जल्दी ही रुके ! ध्यान रहे की श्री राहु सभी कार्य अचानक ही करते हैं ! सो देश से ही नहीं विदेश से भी ( श्री राहू विदेश से सम्बंधित हैं और कारावास भी देते हैं )अचानक किसी बड़ी हस्ती के नाम पर शोक की खबर या फिर तख्ता पलट भी श्री राहु करवा सकते हैं ! अचानक होने वाले आतंकी घटनायों और दुर्घटनाओं जिसमे रेल और हवाई भी शामिल है हो सकती हैं !

(उपरोक्त विचार मेरे निजी अनुसंधान पर आधारित हैं और मैं इन्हें लेकर कोई दावा नहीं करता ! यदि किसी ज्योतिष मित्र को मेरे लेख से आपत्ति हो तो मुझे ज्योतिषी न मानते हुए क्षमा करें )

श्री राहू कृपा करें .........................

अनुसंधान के अनुसार

जय श्री राहू मित्रों ........यदि मित्रो याद हो तो आज से कुछ दिन पहले ही अनुसंधान के अनुसार सूर्य और श्री राहु के टकराव का समय देते हुए ये भविष्यवाणी दी थी की सूर्य जहां अपने कोप से पाताल और धरती को झुलसाने का प्रयत्न करेंगे वहीँ श्री राहु जल प्रलय और प्राकर्तिक आपदाओं को अंजाम दे सकते हैं ! मेरे कुछ प्रेमी मित्रो ने मुझे निजी सन्देश भेज कर मेरी अनुसंधान द्वारा की गयी भविष्यवानियों पर कटाक्ष करते हुए आपत्ति की थी ! कुछ मित्रों ने तो यहाँ तक कहा था की घटना होने के बाद लोग उसे अपनी भविष्यवाणी से जोड़ देते हैं ! किसी ने कहा की आप ज्योतिष का सहारा लेकर लोगो को डराने का प्रयत्न करते हैं !

परन्तु मित्रो मुझे अपने अनुसंधान का जो परिणाम मिलता है मैं उसे ज्यूँ का त्यूं लिख देता हूँ ! खैर जो आज केदारनाथ और अन्य स्थानों पर हुआ उसका मुझे भी दुःख है परन्तु जैसा अनुसंधान में पाया गया वैसा मैंने लिख दिया ! हालांकि मैंने बीच समय में लिखना बंद कर दिया था परन्तु श्री अतुल कक्का और श्री जीतेन्द्र जी ने कहा की आप अनवरत लिखो किसी कटाक्ष की चिंता न करो सो आज चाह कर भी अपने को रोक नहीं पाया !

यदि याद हो तो आडवाणी की विदाई और मोदी की ताज पोशी के बारे में भी पहले ही लिख दिया गया था !

खैर आज मिले कुछ मित्रों के कटाक्ष रुपी निजी संदेशो ने आहात नहीं किया तो कम से कम थोड़ी पीड़ा जरूर दी है ! मेरा काम है सिर्फ अनुसंधान और उसके बाद परिणाम देखना ! अतुल कक्का और जितेन्द्र जी जैसे लोगो के साथ और मार्गदर्शन से ये काम आगे भी सुचारू रूप से चलता रहेगा ऐसी मुझे तो आशा है !

श्री राहू कृपा करें ....

Wednesday, February 6, 2013

वास्तु विज्ञान में मनी प्लांट का पौधा लगाने के लिए आग्नेय दिशा


money plant may harm your economy माना जाता है कि मनी प्लांट का पौधा घर में लगाने से घर में धन का आगमन बढ़ता और सुख-समृद्धि में इजाफा होता है। ऐसी मान्यता के कारण बहुत से लोग अपने घरों में मनी प्लांट का पौधा लगाते हैं। लेकिन मनी प्लांट को लगाने के बाद भी धनागमन में कोई अंतर नहीं होता है बल्कि कई बार आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसका कारण वास्तु विज्ञान में बताया गया है।

वास्तु विज्ञान के अनुसार हर पौधे के लिए एक दिशा निर्धारित है। अगर उचित दिशा में पेड़-पौधा लगाते हैं तो वातावरण की सकारात्मक उर्जा का लाभ मिलता है। लेकिन गलत दिशा में वृक्षारोपण करने से लाभ की बजाय नुकसान होने लगता है। वास्तु विज्ञान में मनी प्लांट का पौधा लगाने के लिए आग्नेय दिशा यानी दक्षिण-पूर्व को उत्तम माना गया है। आग्नेय दिशा के देवता गणेश जी हैं और प्रतिनिधि ग्रह शुक्र है। गणेश जी अमंगल का नाश करते हैं और शुक्र सुख-समृद्धि का कारक होता है। बेल और लता का कारक शुक्र होता है इसलिए आग्नेय दिशा में मनी प्लांट लगाने इस दिशा सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होता है।

मनी प्लांट के लिए सबसे नकारात्मक दिशा ईशान यानी उत्तर पूर्व को माना गया है। इस दिशा में मनी प्लांट लगाने पर धन वृद्धि की बजाय आर्थिक नुकसान हो सकता है। ईशान का प्रतिनिधि ग्रह बृहस्पति है। शुक्र और बृहस्पति में शत्रुवत संबंध होता है क्योंकि एक राक्षस के गुरू हैं तो दूसरे देवताओं के गुरू। शुक्र से संबंधित चीज इस दिशा में होने पर हानि होती है। वास्तु विज्ञान के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा के लिए सबसे उत्तम तुलसी का पौधा होता है। इसलिए ईशान दिशा में मनी प्लांट लगाने की बजाय चाहें तो तुलसी लगा सकते हैं। अन्य दिशाओं में मनी प्लांट का पौधा लगाने पर इसका प्रभाव कम हो जाता है।

Thursday, September 27, 2012

श्रीगणेश का यह रूप दूर करता है वास्तु दोष

हिंदू परम्परा में कोई भी शुभ कार्य भगवान श्रीगणेश की पूजा के बिना नहीं किया जाता। भगवान श्रीगणेश को विघ्न यानी बाधाओं का नाश करने वाला माना जाता है। गणेश के कई रूप प्रसिद्ध हैं और लगभग हर रूप में उनका अलग महत्व है। कई तंत्र प्रयोगों में भी भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों का प्रयोग किया जाता है।

धर्म ग्रंथों के अनुसार जब भगवान गणेश कमल के फूल पर बैठे हों तो वे घर की सारी नकारात्मक शक्तियों को निष्क्रिय कर देते हैं। कमल पर बैठे गणेश के इस रूप को विघ्नहर्ता यानी बाधाओं को समाप्त करने वाला कहा जाता है। श्रीगणेश का यह स्वरूप सकारात्मक उर्जा उत्पन्न करने में सक्षम माना जाता है।       

गणेश के इस स्वरूप को यदि घर में स्थापित किया जाए तो घर के अनेक वास्तुदोष स्वयं भी समाप्त हो जाते हैं। गजानन के इस रूप की स्थापना से हर काम शीघ्र पूर्ण होने के साथ ही जीवन में आने वाली मुसीबतों में कमी आने लगती है। कमल पर बैठे श्रीगणेश की पूजा करते समय इस मंत्र का जप करें तो शीघ्र ही शुभ फल मिलता है-

ऊँ गं गणपतयै नम:

लक्ष्य प्राप्त करने के लिए

हर व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई लक्ष्य अवश्य होता है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत भी करनी पड़ती है और बाधाएं भी आती हैं। ऐसे में कुछ लोग बाधाओं से घबराकर लक्ष्य प्राप्त किए बिना ही पीछे हट जाते हैं जबकि कुछ लोग हिम्मत से सभी बाधाओं को दूर करते हुए अपना लक्ष्य प्राप्त करते हैं। यदि आपके लक्ष्य की प्राप्ति में कोई बाधा आ रही है तो नीचे लिखे मंत्र का जप करें। इस मंत्र के जप से सभी प्रकार की बाधाएं शांत हो जाती हैं।

मंत्र

ऊँ नम: शान्ते प्रशान्ते ऊँ ह्रीं ह्रां सर्व क्रोध प्रशमनी स्वाहा।।




जप विधि

प्रतिदिन सुबह मुंह धोते समय इक्कीस बार इस मंत्र का पाठ करें और शाम को शक्कर मिलाकर पीपल की जड़ में पानी डालने से सभी बाधाओं का नाश हो जाएगा।

Sunday, June 3, 2012

चमत्कारी रुद्राक्ष---तेज याददाश्त

क्या आपको भूलने की आदत है? बहुत याद रखने के बाद भी आप काम की बातें भूल जाते हैं या फिर आपको कोई बात याद रखने के लिए बार-बार दिमाग पर जोर डालना पड़ता है। अगर आपके साथ यह समस्याएं हैं तो घबराने की कोई बात नहीं क्योंकि गणेश रुद्राक्ष इन सभी समस्याओं का एकमात्र आसान उपाय है।

ज्योतिष के अनुसार तेज दिमाग व याददाश्त के लिए बुध ग्रह का अनुकूल होना आवश्यक होता है। बुध ग्रह यदि अनुकूल हो तो व्यक्ति तीव्र बुद्धि वाला होता है तथा उसकी याददाश्त भी कमाल की होती है। गणेश रुद्राक्ष धारण करने से बुध ग्रह अनुकूल फल देने लगता है। गणेश रुद्राक्ष न सिर्फ स्मरण शक्ति बढ़ाता है बल्कि एकाग्रता में भी वृद्धि करता है। 

कैसे व कब धारण करें?

गणेश रुद्राक्ष धारण करने से पहले उसे गाय के कच्चे दूध तथा गंगाजल से धो लें तथा उसका पूजन करें। इसके पश्चात गणपतिअर्थवशीर्ष का पाठ करें। गणेश रुद्राक्ष को हरे रंग के धागे में धारण करें।

किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष में जिस बुधवार को सर्वाथसिद्धि योग बन रहा हो, उस दिन गणेश रुद्राक्ष पहनना शुभ होता है। किसी विद्वान से शुभ मुहूर्त पूछकर भी इसे पहना जा सकता है।

Saturday, June 2, 2012

अनुसंधान के अनुसार श्री राहू जी कहते हैं

अनुसंधान के अनुसार श्री राहू जी कहते हैं की अभी मकर लग्न में पत्रिका बनती है और पंचम भाव के वृष राशि में में पांच गृह सूर्य ,बुध , शुक्र , गुरु तथा केतु बैठे हैं ! योग तेज़ आंधी तूफ़ान के बनते हैं परन्तु अनुसंधान के अनुसार परस्पर शुभ समय नहीं है तथा सक्रिय राहू तथा मंगल कोई बड़ी घटना को अंजाम देने की तेयारी में है ! जहां मंगल २६:१४:२७ डिग्री पर शांत होता लगता है वहीँ ११:०९:०५ डिग्री का राहू किसी बड़ी घटना को अंजाम देता दिखाई देता है !
एक बार फिर से पंद्रह दिन के भीतर किसी बड़ी रेल सड़क या हवाई दुर्घटना की आशंका है अचानक किसी बड़ी क्रान्ति या आन्दोलन के रूप में सत्ता का विरोध होगा ! वहीँ श्री राहू अपनी पूरी क्षमता से आकाश रुख करेंगे तथा सम्पूर्ण प्रथ्वी को हलचल दे सकते हैं ये प्राकर्तिक रूप से होने की ज्यादा संभावना है जिसमे भूकंप तथा ज्वाला मुखी भी शामिल हो सकते हैं ,,,श्री राहू कृपा करें

Saturday, May 26, 2012

ये तावीज़ देंगे भाग्य को चमक

सोया भाग्य जगाने वाले चार तावीज



इनमें से कोई भी यंत्र लिखने के बाद धूप-दीप से पूजा करके तावीज में रखकर बांह अथवा गले में बांधें। भाग्य जगाने का  तांत्रिक टोटका सोलह खाने के इस  तांत्रिक यंत्र को एक पर्याप्त बडे कागज पर अष्टगंध से लिखकर इसकी धूप-दीप से पूजा करें। पूरे भक्ति भाव से इसे सीसे में मढवाकर पूजा स्थल में रखें और अन्य देवों के साथ इसकी भी नित्य पूजा करें। यह बहुत शाक्तिशाली यंत्र है परन्तु महिलाएं और नित्य पूजा न करने वाले पुरूष इसका प्रयोग न करें, इसकी प्रात: काल नित्य धूप-दीप से पूजा करने पर ही यह अपना प्रभाव दिखला पाता है।



शांति, खुशियों के लिए तावीज


किसी शुभ मुहूर्त में निम्नलिखित यंत्र की रचना करनी चाहिए। इसके लिए भोजपत्र का अनार या चमेली की कलम द्वारा लौंग व कपूर के पानी में यंत्र लिखें और धूप, दीप, नैवेद्य से पूजा करें। फिर यंत्र को मोडकर चांदी या तांबे के तावीज में रखकर, दाहिने हाथ में धारण करें। सुख, सौभाग्य, संपदा और मानसिक शांति तथा उत्साह व प्रसन्नता की वृद्धि के लिए वह तावीज बहुत श्रेष्ठ है।



सम्मान, सफलता दिलाने वाला गंडा


इस सुलेमानी नक्श अर्थात यंत्र को अनार की कलम से, अष्टगंध स्याही से भोजपत्र पर लिखकर, गुग्गल की धूनी देकर और तांबे के तावीज में बंद करके अपनी बांह अथवा कमर में बांध लें। तदुपरांत निर्द्वन्द्व होकर अपने कार्य हेतु चले जाएं। अवश्य ही सफलता मिलेगी, और भाग्य की वृद्धि होगी। किसी अफसर या बडे व्यक्ति के पास जाना हो, उससे कोई जरूरी काम लेना हो तो इस तावीज के प्रभाव से वह काम जरूर पूरा होगा। मुकदमे आदि में विजय मिलेगी। मान सम्मान बढेगा और सब मनोरथ सफल होंगे।





कोर्ट-कचहरी में जीत का तांत्रिक तावीज



रवि पुष्य या किसी शुभ मुहूत्तü में पूरब की ओर मुंह करके और स्वच्छ वस्त्र धारण करके, सफेद आसन पर विराजमान होकर अनार की कलम के द्वारा अष्टगंध स्याही से भोजपत्र पर उपर्युक्त यंत्र की रचना करें। दीप-धूप से पजून करें और चांदी के तावीज में बंद करके, तावीज दाहिनी भुजा पर अथवा गले में बांध लें। यह बहुत शुभप्रद, भाग्योन्नायक तथा लक्ष्मीप्रद तावीज है। इससे हरेक प्रकार के भय का नाश होता है। शुत्र से रक्षा होती है। कोर्ट-कचहरी में आदि तावीज को बांध कर जाएं, तो सफलता आवश्य ही मिलेगी। इसके धारण किए रहने से प्रत्येक कार्य में उन्नति होती है, भाग्य साथ देता है और धन की वृद्धि होती है।

Thursday, May 24, 2012

पारद शिवलिंग साक्षात भगवान शिव का स्वरूप

तंत्र क्रियाओं में विभिन्न पदार्थों से निर्मित शिवलिंग की पूजा की जाती है। इन सभी में पारद शिवलिंग को तंत्र क्रियाओं के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। पारद से बने शिवलिंग की पूजा करने से तंत्र क्रिया की शक्ति और भी बढ़ जाती है। तंत्र शास्त्र के अनुसार यदि पारद शिवलिंग को विधि-विधान से घर में स्थापित किया जाए तो इससे अनेक लाभ होता हैं जैसे-

- पारद शिवलिंग को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है।

- पारद शिवलिंग साक्षात भगवान शिव का स्वरूप माना गया है इसलिए इसे घर में स्थापित कर प्रतिदिन पूजन करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है।

- यदि किसी को पितृदोष हो तो उसे प्रतिदिन पारद शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। इससे पितृदोष समाप्त हो जाता है।

- पारद शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करने पर धन लाभ होता है।

- अगर घर का कोई सदस्य बीमार हो जाए तो उसे पारद शिवलिंग पर अभिषेक किया हुआ पानी पिलाने से वह ठीक होने लगता है।

- पारद शिवलिंग की साधना से विवाह बाधा भी दूर होती है।

Monday, May 21, 2012

ज्योतिष की भविष्यवाणी

नमस्कार मित्रों , आज सूर्य ग्रहण हो चूका और मैं एक बार फिर से आप के सामने हूँ ! फिर वही ज्योतिष की भविष्यवाणी लेकर ! इस सूर्य ग्रहण के दिन पांच गृह एक ही राशि वृष में पहुँच गए ! राहू और केतु पहले ही अपनी निंद्रा से बाहर आ चुके हैं जैसा की मैंने अपने पहले के लेखों में लिखा था ! अब पूरी तरह से समय राहू और केतु के नियंत्रण में है ! आज से अगस्त के महीने तक राहू अपना रौद्र रूप दिखा सकता है ! सभी प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे सकता है ! जिसमे की बड़ी प्राकर्तिक आपदाएं , आतंकवादी हमले , सत्ता विरोधी आन्दोलन , सत्ता परिवर्तन आदि शामिल हैं !कोई बड़ी बात नहीं यदि आज रात से हे किसी बड़ी घटना का समाचार मिल जाए ! हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी पर मेरे अनुसंधान के अनुसार ये समय बिलकुल भी शुभ नहीं है ! ज्योतिष के धुर विरोधी मेरा मज़ाक उड़ा सकते है परन्तु मैं अपनी भविष्यवाणी पर कायम रहूँगा ! इस अनुसंधान के हिसाब से राहू बड़ी रेल दुर्घटना , विमान दुर्घटना, कोई बड़ी प्राकृतिक  आपदा  या फिर किसी बड़े आतंकवादी हमले या युद्ध की आहट दे रहा है ! साथ ही सत्ता पक्ष को हिलाने का काम भी राहू पूरी तरह कर सकता है ! अभी बस यहीं तक  अगला ज्योतिष  भविष्यवाणी लेख थोड़े ही समय में आपके सामने होगा तब तक के लिए आज्ञा दीजिये !

Saturday, May 12, 2012

चावल के 21 दानें रखें --पैसों की तंगी होगी खत्म

सभी चाहते हैं कि उनका पर्स हमेशा पैसों से भरा रहे और फिजूल खर्च न हो। ज्यादा पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत के साथ अच्छी किस्मत भी महत्व रखती है। कुछ परिस्थितियों में मेहनत के बाद भी पर्याप्त धन प्राप्त नहीं हो पाता या खर्चों की अधिकता की वजह से बचत नहीं हो पाती। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में यदि कोई ग्रह बाधा हो तो व्यक्ति को गरीबी झेलना पड़ सकती है।

ज्योतिष शास्त्र में गरीबी दूर करने के लिए असंख्य कारगर उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को अपनाने से किसी प्रकार की ग्रह बाधा हो वह दूर हो जाती है। यदि किसी वजह से धन प्राप्त करने में कोई समस्या आ रही हो तो इन उपायों से वे सभी परेशानियां भी दूर हो जाती हैं।

यदि आप भी किसी ग्रह बाधा से पीडि़त हैं और आपके पर्स में अधिक समय तक पैसा नहीं टिकता तो निम्र उपाय करें-

किसी भी शुभ मुहूर्त या अक्षय तृतीया या पूर्णिमा या दीपावली या किसी अन्य मुहूर्त में सुबह जल्दी उठें। सभी आवश्यक कार्यों से निवृत्त होकर लाल रेशमी कपड़ा लें। अब उस लाल कपड़े में चावल के 21 दानें रखें। ध्यान रहें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होना चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दान न रखें। उन दानों को कपड़े में बांध लें। इसके बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें। पूजा में यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें। पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छुपाकर रख लें।

ऐसा करने पर कुछ ही समय में धन संबंधी परेशानियां दूर होने लगेंगी। ध्यान रखें कि पर्स में किसी भी प्रकार की अधार्मिक वस्तु कतई न रखें। इसके अलावा पर्स में चाबियां नहीं रखनी चाहिए। सिक्के और नोट अलग-अलग व्यस्थित ढंग से रखे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु पर्स में न रखें। इन बातों के साथ ही व्यक्ति को स्वयं के स्तर भी धन प्राप्ति के लिए पूरे प्रयास करने चाहिए।

Sunday, May 6, 2012

इस पत्थर से आप भी बन सकते हैं मालामाल


तंत्र शास्त्र में हकीक को चमत्कारीक पत्थर माना गया है। हकीक का प्रयोग विभिन्न टोटकों एवं प्रयोगों में किया जाता है। यह भी कहा जाता है कि जिसके घर में हकीक होता है, वह कभी गरीब नहीं हो सकता। हकीक पत्थर के कुछ साधारण प्रयोग इस प्रकार हैं-

- किसी शुक्रवार के दिन रात्रि में पूजा उपासना करने के पश्चात एक हकीक माला लें और एक सौ आठ बार ऊँ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नम: मंत्र का जप करें। इसके बाद माला को लक्ष्मीजी के मंदिर में अर्पित कर दें। धन से जुड़ी हर समस्या हल हो जाएगी।

- यदि ग्यारह हकीक पत्थर लेकर किसी मंदिर में चढ़ा दें और ऐसा कहें कि अमुक कार्य में विजय होना चाहता हूं तो निश्चय ही उस कार्य में विजय प्राप्त होती है।

- जो व्यक्ति श्रेष्ठ धन की इच्छा रखते हैं वह रात में 27 हकीक पत्थर लेकर उसके ऊपर लक्ष्मी का चित्र स्थापित करें, तो निश्चय ही उसके घर में अधिक उन्नति होती है

इस तरह यह पत्थर धन से जुड़ी आपकी हर समस्या का हल कर देता है।


:- पूर्ण तरीके से शुद्ध और पूजा किये गए हकीक पत्थर के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं --09136115070

Sunday, April 29, 2012

सोमवार को करें ये उपाय, लकवा भी होने लगेगा ठीक

भगवान शंकर आरोग्य के देवता है यानी जो भी व्यक्ति विधि-विधान से भगवान शंकर की पूजा करता है बीमारियां उसके पास नहीं फटकती। किसी भी तरह की बीमारी भगवान शिव की कृपा से ठीक हो सकती है। सोमवार के दिन यदि किसी रोग मुक्ति के लिए उपाय किया जाए तो और भी शीघ्र फल मिलता है। यदि कोई व्यक्ति लकवे से पीडि़त है तो यह उपाय करें-

उपाय

सोमवार के दिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर सुबह भगवान शंकर के मंदिर में जाएं और उन्हें आंक के पत्ते की माला बनाकर अर्पित करें। थोड़ी देर मंदिर में ही बैठें और ऊँ नम: शिवायं मंत्र का जप करें। इसके बाद वह माला निकाल लें और रोग मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। वह माला लकवा ग्रस्त व्यक्ति को सूंघाएं तथा उन पत्तों को पीसकर लकवा प्रभावित अंग को लगाएं। यह प्रक्रिया हर सोमवार को करें। कुछ ही दिनों में आप इसका प्रभाव देखेंगे।

Saturday, April 28, 2012

इस एक वस्तु से संभव है हर समस्या का समाधान

तंत्र शास्त्र में अनेक वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। ऐसी ही एक तांत्रिक वस्तु है कौडिय़ां। यह समुद्र से निकलती हैं और सजावट के काम भी आती हैं। तंत्र शास्त्र के अंतर्गत धन प्राप्ति के लिए किए जाने वाले अनेक टोटकों में इसका प्रयोग किया जाता है। कौडिय़ों के कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-

1- यदि प्रमोशन नहीं हो रहा है तो 11 कौडिय़ां लेकर किसी लक्ष्मी मंदिर में अर्पित कर दें। आपके प्रमोशन का रास्ते खुल जाएंगे।

2- यदि दुकान में बरकत नहीं हो रही है तो दुकान के गल्ले में 7 कौडिय़ां रखें और सुबह-शाम इनकी पूजा करें। निश्चित ही बरकत होने लगेगी।

3- यदि आप नया घर बनवा रहे हैं तो उसकी नींव में 21 कौडिय़ां डाल दें। ऐसा करने से आपके घर में कभी पैसों की कमी नहीं रहेगी और घर में सुख-शांति भी बनी रहेगी।

4- अगर आपने नया वाहन खरीदा है तो उस पर 7 कौडिय़ां एक काले धागे में पिरोकर बांध दें। इससे वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना कम हो जाएगी।

5- यदि आप कहीं इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो 7 कौडिय़ां पूजन कर अपने साथ लेकर जाएं। इससे इंटरव्यू में आपको सक्सेस जरुर मिलेगी।

बुधवार को करें यह उपाय, हर काम में मिलेगी सक्सेस


 यदि आपकी मनोकामनाएं पूरी नहीं हो रही है या बनते काम बिगड़ रहे हैं तो उसके लिए बुधवार को नीचे लिखा उपाय करें। आपकी हर इच्छा पूरी होने लगेगी और हर काम में सफलता मिलने लगेगी।

 उपाय--किसी भी बुधवार को सूर्य की ओर मुख करके नमस्कार करें। इसके बाद कच्चा सूत लेकर उस पर नीचे लिखा मंत्र पढ़ते हुए सात गठान लगाएं। अब आप उस सूत को तावीज में भरकर पहन लें। अब प्रति बुधवार को यह तावीज निकालकर धूप-दीप दिखाकर पुन: धारण कर लिया करें। इस ताबीज को पहनकर आप जिस किसी भी कार्य को करने जाएंगे उसमें सफलता अवश्य मिलेगी। आपकी हर इच्छा पूरी होगी।
मंत्र
ऊँ गं गणपतये नम:

Thursday, April 26, 2012

इस छोटे उपाय से बिजनेस में मिलेगी सफलता

हर कोई चाहता है कि उसे बिजनेस में सफलता प्राप्त हो। लेकिन इसके लिए चाहिए मेहनत, लगन और खुद पर विश्वास। ये सब अगर आपके पास हो तो आपका बिजनेस जरुर तरक्की करेगा। इसके साथ ही यदि नीचे लिखा उपाय भी करें तो आपके बिजनेस की सफलता और भी बढ़ सकती है। ये उपाय इस प्रकार है-

उपाय

किसी गुरुवार के दिन एक पीले रंग का रूमाल या कपड़ा लेकर किसी ऐसे मंदिर जाएं, जहां तुलसी का पौधा लगा हो। अब उस तुलसी के पौधे के आस-पास जो घास उगी हो, उसे तोड़कर पीले कपड़े या रूमाल में रखकर वापस घर ले आएं। इसको व्यापार स्थल तथा घर में रख दें। कुछ ही दिनों में व्यापार में वृद्धि तथा धन की बरकत दिखाई देने लगेगी।

शनिवार को करें ये उपाय, हो जाएंगे आपके वारे-न्यारे

कुछ ही समय में यदि कोई व्यक्ति देखते ही देखते अमीर बन जाए तो हम कहते हैं कि इसके वारे-न्यारे हो गए। और हम भी यही चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी हमारे भी वारे-न्यारे हो जाएं। अगर यही चाहते हैं तो शनिवार के दिन नीचे लिखा उपाय विधि पूर्वक करें।

उपाय

शनिवार के दिन शाम के समय जब सूर्य अस्त हो चुका हो उस समय उड़द की दाल के दो साबुत बड़े लें और उन पर थोड़ा-थोड़ा दही व सिंदूर लगा लें। इसके बाद इन बड़ों को किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं। पीछे पलट कर न देखें। सीधे घर आकर हाथ-मुंह धोएं। यह प्रयोग 11 शनिवार तक लगातार करें। एक बात जरुर याद रखें कि दही या बड़े में किसी मसाले का प्रयोग न करें।


Wednesday, April 25, 2012

एक साधारण उपाय और आप बन जाएंगे मालामाल


 पैसा कमाने के लिए इंसान क्या नहीं करता। वह दिन-रात मेहनत करता है। हर वक्त उसके दिमाग में यही बात घुमती रहती है कि और पैसा कैसे कमाया जाए? बहुत प्रयास करने के बाद भी इतना नहीं कमा पाता जितनी उसे जरूरत है। ऐसे में यदि नीचे लिखे साधारण तंत्र उपाय का सहारा लिया जाए तो धन की कमी को पूजा किया जा सकता है। इस उपाय से गरीब व्यक्ति भी मालामाल बन सकता है।

उपाय

सात कौडिय़ां व एक लघु शंख को मसूर की दाल की ढेरी पर स्थापित कर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके आसन पर बैठ जाएं। अब मूंगे की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। पांच माला जप होने पर इस सामग्री को किसी ऐसे स्थान पर जाकर गाढ़ दें जहां कोई आता-जाता न हो। आपकी गरीबी भी वहीं दफन हो जाएगी और पैसे संबंधी आपकी हर समस्या दूर हो जाएगी। जीवन में फिर कभी आपको पैसे की कमी नहीं होगी।

मंत्र

ऊँ गं गणपतये नम:

ये छोटे उपाय दिलाते हैं जीवन का हर सुख




हर इंसान यही चाहता है कि उसे दुनिया का हर सुख मिले लेकिन ऐसा नहीं मुमकिन नहीं। लेकिन यदि कुछ साधारण उपाय किए जाएं तो ऐसा असंभव भी नहीं। नीच कुछ साधारण तंत्र उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से जीवन की कई परेशानियां समाप्त हो जाती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
उपाय
1- यदि घर में सुख-शांति नहीं रहती हो तो घर के मटके में से एक लोटा पानी लेकर अपने भवन के चारों कोनों में और मकान के बीचों-बीच थोड़ा सा छिड़क दें। परिवार में शांति बनी रहेगी।
2- यदि रात में डरावने सपने आते हों तो जिस दिशा में पैर रखते हों उस दिशा में सिर करके सो जाएं। डरावने सपने नहीं आएंगे और भरपूर नींद आएगी।
3- कई बार देखने में आता है कि हंसते-खेलते परिवार को किसी की नजर लग जाती है यदि ऐसा हो तो मंगलवार-शनिवार को शाम के समय मंदिर में 6 अगरबत्ती अपने ईष्टदेव का ध्यान कर लगा दें। अब थोड़ा सा पीसा हुआ सेंधा नमक घर के चारों कोनों में छिड़क दें और अगले दिन झाड़ू से इस नमक को घर के बाहर निकाल दें। बुरी नजर का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।
4- यदि कोई रोग लंबे समय तक न जाए तो एख रूपए का चमकीला सिक्का रात को सिरहाने रखकर सो जाएं। सुबह उसे शमशान की सीमा पर जाकर चुपचाप फेंक आएं। रोग समाप्त हो जाएगा।
5- किसी एक छोटे बच्चे को प्रतिदिन उसकी मनचाही वस्तु कुछ दिनों तक लाकर दें। ऐसा करने से जीवन में आ रही परेशानियां स्वत: ही समाप्त हो जाती है।

Sunday, April 15, 2012

ज्योतिष अनुसंधान : बड़े युद्धों के आसार 2

             नमस्कार दोस्तों  एक बार फिर से मैं आपके सामने हाज़िर हूँ ! अभी कुछ हे समय पहले मैंने अपने लेख ज्योतिष अनुसंधान में लिखा था की अप्रैल से अगस्त के महीने भारी होंगे अभी अप्रैल शुरू ही  हुआ है और प्राकर्तिक आपदाओं का रंग आप देख चुके हैं और जब मैं ये लेख लिख रहा हूँ तब तक अफगानिस्तान में हमले की खबर आ चुकी थी ! मुझसे कुछ पाठकों ने सवाल किया था की आप किस आधार पर ये भविष्यवाणी कर रहे हैं ! तो मित्रों उसका जवाब है की मेरे अनुसन्धान के अनुसार जब राहू एक्टिवेट होता है तब ऐसे हालत उत्पन्न होते हैं ! और अभी राहू के पीछे  ही केतु भी एक्टिवेट हो चूका है ! अतेव अभी ये शुरुआत है अभी इसके और परिणाम भी सामने आ सकते हैं !
           ऐसा भी संभव है की कुछ और जगह आतंकवादी हमले और युद्ध के असार बन सकते हैं ! बड़ी प्राकर्तिक आपदाओं का सामना करना पढ़ सकता है ! कुछ जगह किसी प्रमुख व्यक्ति पर हमला हो सकता है अथवा   किसी नामचीन हस्ती को बदनामी का सामना करना पड़ सकता है ! एक बार फिर में यही कहूँगा की सत्ता से असंतुष्टों के आन्दोलन जोर पकड़ सकते है ! भारत में मध्यावधि चुनाव की घोषणा हो सकती है या सरकार के गिरने के आसार बन सकते हैं ! राहू अपनी पूरी ताकत से धरती को हिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा ! यदि सरकार के गिरने की नौबत नहीं आती तो ऐसे आसार जरूर है की नेतृत्व परिवर्तन हो जाए ! कुल मिलकर राहू पूरी प्रथ्वी पर अपना साम्राज्य कायम करेगा और अगले कुछ महीनो में इसके पूरे प्रभाव दिखाई देंगे !
          अगले लेख में आपसे फिर मुलाकात होगी तब तक के लिए आज्ञा दें !

Thursday, April 5, 2012

सामान्य टोटके -- अच्छे परिणाम

टोने-टोटके का नाम सुनते ही लोगों को डर लगने लगता है। उन्हें ऐसा लगता है कि हर टोने-टोटके में किसी पशु-पक्षी की बलि दी जाती है या उसमें कोई क्रूर कर्म किया जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। छोटे-छोटे व सामान्य टोटके भी बहुत अच्छे परिणाम दे सकते हैं। धन प्राप्ति के कुछ सामान्य टोटके इस प्रकार हैं-

टोटके

1- घर की प्रमुख महिला जो सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाती है, वह यदि प्रतिदिन तांबे के लोटे में जल भरकर मुख्य द्वार पर छिड़के तो लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं और उस घर में कभी दरिद्रता नहीं आती।

2- बुधवार लक्ष्मी के आगमन का दिन है। इस दिन धन का भुगतान अथवा माल या नगद राशि उधार में किसी को नहीं देना चाहिए। इससे धन आगमन में रुकावट होती है।

3- हर अमावस को लाभ की चौघडिय़ा के समय लक्ष्मी पूजन करें तो लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और धन लाभ होता है।

4- गुरुवार के दिन यदि आपको आपको अचानक अधिक धन की प्राप्ति हो जाए तो उसमें से 15, 30, 45 या 60 के अनुपात में धन राशि का एक लिफाफा बनाकर मंदिर में रख दें।

5- दुकान या घर से निकलते समय खाली जेब न चलें। कुछ रुपए साथ लेकर चलें।

6- यदि किसी का कर्ज चुकाना है तो मंगलवार के दिन से उसे पैसा देना शुरु करें। इससे कर्ज जल्दी उतरेगा।

Sunday, March 18, 2012

लाल किताब का चमत्कारी टोटका जगायेगा आपकी बंद किस्मत का ताला


क्या आप धन की किल्लत से परेशान है? क्या आपको नौकरी मे दिक्कत आ रही है ? 
क्या आपका प्रमोशन नहीं हो रहा है? क्या आपका बिज़नस/व्यापार थप हो गया है ?
या फिर आप अच्छे करियर की तलाश में है ?
तो आज ही यह लाल किताब का उपाय/टोटका कीजिए। लाल किताब की मुख्य विशेषता हम पहले भी बता चुके है की इसके आसान, सस्ते और सटीक उपाय न केवल आपको रहत ही दिलायेंगे वरन घर में सुख और शांति भी रहेगी।

लाल किताब की बंद किस्मत जगाने की सरल विधि निम्न है-
  • किसी दुकान में जाकर किसी भी शुक्रवार को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए।
  • लेकिन ताला खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार को खोलने दें ताले को जांचने के लिए भी न खोलें।
  • उसी तरह से डिब्बी में बन्द का बन्द ताला दुकान से खरीद लें।
  • इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें।
  • शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर, मस्जित, चर्च, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थान पर रख दें।
  • जब भी कोई उस ताले को खोलेगा आपकी किस्मत का ताला खुल जायगा।
  • ध्यान रहे यह उपाय गुप्त रखें और किसी को भी इसके बारे में न बताएं।
नोट : लाल किताब के सभी उपाय दिन में ही करने चाहिए। अर्थात सूरज उगने के बाद व सूरज डूबने से पहले।

किसी भी कार्य में विजय प्राप्ति के लिए आजमायें ये हकीक पत्थर का टोटका



तंत्र शास्त्र में कई विशेष प्रकार के पत्थरों का भी महत्व है। इन पत्थरों से सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। हकीक पत्थर का प्रयोग विभिन्न पूजा-पाठ, साधनाओं और उपासनाओं में भी किया जा सकता है। हकीक एक ऐसा ही चमत्कारीक पत्थर है। हकीक का प्रयोग विभिन्न टोटकों एवं प्रयोगों में किया जाता है।
विजय-जीत-सफलता प्राप्ति के लिए हकीक पत्थर का टोटका (Get Victory Everywhere)
  • ग्यारह (11) हकीक पत्थर लेकर किसी भी दिन किसी भी धार्मिक स्थल में जाएँ।
  • धार्मिक स्थल अपनी श्रृद्धा अनुसार चुने - मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा कहीं भी जा सकते हैं.
  • वहां जाकर कहें कि अमुक कार्य में विजय होना चाहता हूं और हकीक पत्थरों को मनस कर वहीँ चड़ा दें और वापिस घर आ जाएँ.
  • किसी से भी इस टोटके का जिक्र न करें, ऐसा करने पर तो निश्चय ही उस कार्य में विजय प्राप्त होती है।
यह भी कहा जाता है कि जिसके घर में हकीक होता है, वह कभी गरीब नहीं हो सकता। अतः आप इसे घर भी रख सकते हैं।

Thursday, March 8, 2012

ज्योतिष अनुसंधान : बड़े युद्धों के आसार

नमस्कार मित्रों ... आज बहुत दिन बाद आपके सामने अपना कोई लेख प्रस्तुत करने का मौका मिला . आज एक बार फिर अपने ज्योतिष अनुसंधान के अनुसार ग्रहों की स्तिथि के अनुसार जो आंकलन मैं कर पाया हूँ उसके अनुसार मार्च महीने के बाद एक बार फिर से दुष्कर स्तिथियाँ सामने आने का योग बनता दिख रहा है ... भारत समेत अनेक राष्ट्रों में सत्ता के विरुद्ध लहर का योग है ! प्राकृतिक और गैर प्राकृतिक ताकतों का प्रकोप बदने का योग है ! जहां प्राकृतिक आपदाओं से जनमानस परेशान होगा वहीँ कुछ देशों के विरुद्ध दुसरे देशों के आक्रमण होंगे ! सत्ता लोलुपता के और सत्ता प्राप्ति हेतु बड़े युद्धों के आसार हैं !

भारत में सत्ता से असंतुष्टों के आन्दोलन जोर पकड़ सकते है अथवा सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगो को अपमान का सामना कर पड़ सकता है अथवा उन्हें पद मुक्त किया जा सकता है ! किसी न किसी मुद्दे को लेकर जनता के आक्रोश का सामना सत्ता सरकार को करना पड़ सकता है ! मध्यावधि चुनावों की घोषणा भी हो सकती है !


कुल मिला कर विश्व और भारत के लिए अप्रैल से अगस्त के महीने काफि भारी साबित हो सकते हैं  ! विस्तार से पूरा लेख मैं अपनी अगली पोस्ट में प्रकाशित करूँगा ! परन्तु ये भविष्य कथन मेरी अपनी अनुसंधान पर आधारित है और मेरे अपने निजी विचारों से प्रेरित है इस को लेकर मैं कोई दावा नहीं कर रहा हूँ

Wednesday, October 12, 2011

श्रीगणेश की प्रतिमा कहां रखनी चाहिए?




शास्त्रों के अनुसार प्रथम पूज्य श्री गणेश को परिवार का देवता माना गया है। परिवार की किसी भी प्रकार की परेशानी के लिए गणेशजी की आराधना श्रेष्ठ उपाय है। वहीं वास्तु में भी श्री गणेश की प्रतिमा को वास्तुदोष दूर करने का अचूक उपाय बताया गया है।

वास्तु के अनुसार घर में विघ्न विनाशक श्री गणेश की प्रतिमा रखना बहुत शुभ माना जाता है। जहां गणेशजी की प्रतिमा रहती है उस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का वास्तुदोष सक्रीय नहीं हो पाता। साथ ही घर के आसपास भी नकारात्मक ऊर्जा भी प्रभाव नहीं दिखा पाती। इनकी प्रतिमा के शुभ प्रभाव से परिवार के सभी सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

घर में श्रीगणेश की प्रतिमा कहां रखनी चाहिए? इस संबंध में वास्तु के अनुसार इनकी मूर्ति ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में लगानी चाहिए। नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) में श्रीगणेश की मूर्ति शुभ प्रभाव नहीं देती।

घर के पूजन स्थल पर गणेशजी की बाएं हाथ की ओर सूंड वाली मूर्ति बहुत शुभ मानी जाती है। घर में जहां वास्तु दोष हो वहां सिंदूर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। साथ घर के मुख्य द्वार गणेशजी की प्रतिमा या उनका प्रतिक चिन्ह स्वस्तिक बनाएं।
घर की सजावट बढ़ाने के लिए दीवारों पर फोटो लगाए जाते हैं। इनसे घर की सुंदरता तो बढ़ती है साथ ही मन को सुकून भी मिलता है लेकिन दीवारों पर कैसे फोटो लगाए जाने चाहिए? इस संबंध में वास्तु में कई आवश्यक बिंदू बताए गए हैं।

Sunday, October 2, 2011

संतान सुख दिलाता है काला कुत्ता--कौए की सेवा से संतान सुख




काला रंग बहुत लोगों को पसंद नहीं होता है। शुभ कार्यों में इसका इस्तेमाल करना अपशकुन मानते हैं। जबकि, ज्योतिषशास्त्र एवं तंत्र-विज्ञान में इसे काफी महत्व दिया गया है। इस रंग में आसुरी शक्ति एवं भूत-प्रेत जैसी अज्ञात ताकत से रक्षा करने की शक्ति होती है। इसलिए नज़र दोष से बचने के लिए काले रंग के कपड़े का टुकड़ा बाजू पर बंधते हैं। शनि के कुप्रभाव से बचाने में भी काला रंग कारगर होता है।
 नकारात्मक ऊर्जा कम करता है कुत्ता

काले रंग के पशु पक्षियों में भी अद्भुत शक्तियां होती हैं। मिथक के अनुसार कुत्ता एक ऐसा जानवर है जिसमें नकारात्मक ऊर्जा को कम करने की शक्ति होती है उसमें भी काला रंग का कुत्ता अधिक प्रभावशाली होता है। धर्म ग्रंथों में काले रंग के कुत्ते को भैरव देव का प्रतीक माना गया है जो नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाले हैं। पांडवों की परीक्षा के लिए धर्मराज ने भी काले कुत्ते का रूप धारण किया था। यह भी काले कुत्ते का महत्व को दर्शाता है। प्रतिदिन काले रंग के कुत्ते को भोजन देने से संतान सुख में आने वाली बाधा दूर होती है। इससे शनि एवं केतु दोनों ही ग्रहों का कुप्रभाव नष्ट होता है।
 
अमृत पीने वाला पक्षी है कौवा

कौवा काले रंग का एक पक्षी है जिसे बहुत से लोग निकृष्ट और अशुभ पक्षी मानते हैं। अपनी कर्कश आवाज की वजह से भी कौवा लोगों को पसंद नहीं आता है लेकिन, तंत्र-विज्ञान में इसे चमत्कारी पक्षी माना जाता है। मिथक है कि सागर मंथन से प्राप्त अमृत पीने वाला एक मात्र पक्षी कौवा है। कौवा लम्बे समय तक जीवित रहता है और सामान्य स्थिति में इसकी मृत्यु नहीं होती है।

 कौवा यमराज का दूत

कौए के विषय में यह भी मिथक है कि यह यमराज का दूत होता है। आसमान के रास्ते यमलोक तक उड़कर जाता है और धरती पर रहने वाले लोगों की सारी जानकारियां यमराज तक पहुंचाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि पितृपक्ष में पितर लोग कौवा बनकर धरती पर आते हैं और अपनी संतान को देखते हैं। उनके लिए जो भी अन्न एवं जल दान किया जाता है और ब्राह्मणों को खिलाया जाता है उसका जूठन वह खाते हैं इससे उनको मुक्ति मिलती है।

 कौए की सेवा से संतान सुख

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिनकी कुण्डली में पितृदोष होता है उन्हें संतान सुख मिलना कठिन होता है। ऐसे लोग सुबह रोटी को पानी में भिंगोकर कौए को दें तो संतान सुख में आने वाली बाधा दूर होती है। पितृपक्ष में कौए को खाना देने के पीछे भी यह उद्देश्य यही होता है कि उनके पितृगण संतुष्ट हों और उनका आशीर्वाद उन्हें मिलता रहे।

Wednesday, September 28, 2011

आज करें यह टोटके, घर में रहेगी सुख-शांति



आजकल हर घर में विवाद होना आम बात है। यह विवाद पति-पत्नी, सास-बहू या भाई-भाई में भी हो सकता है। इन सबके कारण घर की सुख-शांति न जानें कहां चली जाती है। परिवार के जिन लोगों का इस विवाद से कोई नाता नहीं है वे भी व्यर्थ ही परेशान होते हैं। कई बार विवाद काफी बढ़ भी जाते हैं। यदि आप भी रोज होने वाले इन विवादों से परेशान हैं तो यह टोटका करें-

टोटका

यह टोटका नवरात्रि के पहले दिन यानी 28 सितंबर को करें। 9 नारियल लें। उस पर काला धागा लपेट लें। सारा दिन उसे पूजा स्थान पर रखे रहने दें। शाम के समय उसे धागे सहित जला दें। नवरात्रि के पूरे 9 दिन तक यह प्रयोग करें। विश्वास मानें दसवें दिन आपके घर में अमन-चैन का वातावरण दिखाई देगा।

Tuesday, September 20, 2011

एक घी के दीपक से बदल जाएंगे आपकी कुंडली के ग्रह-नक्षत्र



ज्योतिष में बताए गए नौ ग्रहों में से शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना गया है। इसके साथ ही राहु और केतु भी सामान्यत: अशुभ ग्रह ही माने जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली यह तीनों ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो उसे हमेशा ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन तीनों ग्रहों का आपस में गहरा संबंध है। शनि, राहु और केतु के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं। इन तीनों ग्रह के लिए एक सटीक उपाय बताया गया है। इस एक तीनों ही ग्रहों के दोष दूर हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या राहु-केतु के कालसर्प योग से त्रस्त है तो उसे हर शनिवार की रात किसी पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। इस समय व्यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। इसके साथ ही शनि, राहु, केतु और अपने इष्टदेव से प्रार्थना करें। इस उपाय से कुछ ही दिनों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे। शनि, राहु या केतु की वजह से यदि किसी व्यक्ति के जीवन में धन संबंधी या अन्य कोई परेशानियां हो तो वे दूर हो जाएंगी। रुके हुए कार्य पूर्ण हो जाएंगे।

Sunday, September 18, 2011

सांस की बीमारी (दमा)

सांस की बीमारी (दमा) एक आम रोग है। वर्तमान समय में अधिकांश लोग इससे पीडि़त हैं। आमतौर पर यह रोग अनुवांशिक होता है तो कुछ लोगों को मौसम के कारण हो जाता है। इसके कारण रोगी कोई भी काम ठीक से नहीं कर पाते और जल्दी थक जाते हैं। मेडिकल साइंस द्वारा इस रोग का संपूर्ण उपचार संभव है। साथ ही यदि नीचे लिखे उपायों को भी किया जाए तो इस रोग में जल्दी आराम मिलता है। 

1- शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से लगातार तीन सोमवार तक एक सफेद रूमाल में मिश्री एवं चांदी का एक चौकोर टुकड़ा बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें तथा शिवजी को चावल के आटे का दीपक कपूर मिश्रित घी के साथ अर्पित करें। श्वास रोग दूर हो जाएंगे।

2- रविवार को एक पात्र में जल भरकर उसमें चांदी की अंगूठी डालकर सोमवार को खाली पेट उस जल का सेवन करें। दमा रोग दूर हो जाएगा।

3- किसी भी मास के प्रथम सोमवार को विधि-विधानपूर्वक चमेली की जड़ को अभिमंत्रित करके सफेद रेशमी धागे में बांधकर गले में धारण करें और प्रत्येक सोमवार को बार-बार आइने में अपना चेहरा देंखे। सांस की सभी बीमारियां दूर हो जाएंगी।

4- सांस की नली में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में सूजन के कारण कफ जमने अथवा खांसी से मुक्ति पाने के लिए किसी शुभ समय में केसर की स्याही और तुलसी की कलम द्वारा भोजपत्र पर चंद्र यंत्र का निर्माण करवाकर गले में धारण करें। श्वास संबंधी सभी रोग दूर हो जाएंगे।

Sunday, September 11, 2011

शत्रु को शांत कीजिए


कोई भी इंसान अपनी बुराई सुनना पसंद नहीं करता है। कोई भी नहीं चाहता कि उसका दुनिया में कोई भी दुश्मन हो। कोई कितनी भी कोशिश कर ले उसका कोई ना कोई विरोधी जरूर रहता है। ऐसे में जब कोई आपके पीठ के पीछे आपकी बुराई करता है। सफलता के रास्ते में रोड़े अटकाता है। ऐसे में तनाव होना एक साधारण सी बात है।यह कोई नहीं चाहता कि इस दुनिया में उसका कोई दुश्मन भी हो। यह अनुभव की बात है कि कई बार जहां इंसानी प्रयास सफ ल नहीं होते, वहां कोई तंत्र-मंत्र चमत्कार कर देते हैं। अपने विरोधियों अथवा शत्रुओं को शांत करने, अपने अनुकूल बनाने अथवा अपने वश में करने के लिये, नीचे दिये गए मंत्र का नियमबद्ध जप करना आश्चर्यजनक प्रभाव दिखाता है-

मंत्र- नृसिंहाय विद्महे, वज्र नखाय धी मही,तन्नो नृसिहं प्रचोदयात्

जप सूर्योदय से पूर्व शांत एवं एकांत स्थान पर हो सके तो जल्द ही सफलता मिलती है।

बड़े काम का गोमती चक्र


गोमती चक्र पत्थर गोमती नदी में मिलता है। विभिन्न तांत्रिक कार्यों तथा असाध्य रोगों में इसका प्रयोग होता है। इसका तांत्रिक उपयोग बहुत ही सरल होता है। किसी भी प्रकार की समस्या के निदान के लिए यह बहुत ही कारगर उपाय है।
1- यदि घर में भूत-प्रेतों का उपद्रव हो तो दो गोमती चक्र लेकर घर के मुखिया के ऊपर घुमाकर आग में डाल दें तो घर से भूत-प्रेत का उपद्रव समाप्त हो जाता है।
2- यदि घर में बीमारी हो या किसी का रोग शांत नहीं हो रहा हो तो एक गोमती चक्र लेकर उसे चांदी में पिरोकर रोगी के पलंग के पाये पर बांध दें। उसी दिन से रोगी को आराम मिलने लगता है।
3- प्रमोशन नहीं हो रहा हो तो एक गोमती चक्र लेकर शिव मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ा दें और सच्चे ह्रदय से प्रार्थना करें। निश्चय ही प्रमोशन के रास्ते खुल जाएंगे।
4- व्यापार वृद्धि के लिए दो गोमती चक्र लेकर उसे बांधकर ऊपर चौखट पर लटका दें और ग्राहक उसके नीचे से निकले तो निश्चय ही व्यापार में वृद्धि होती है।
5- यदि इस गोमती चक्र को लाल सिंदूर के डिब्बी में घर में रखें तो घर में सुख-शांति बनी रहती है।

जरूरी नहीं की राहू बुरा फल ही दे


राहु को पौराणिक ग्रंथों में सांप का सिर और केतु को उसका धड़ कहा गया है। राहु और केतु के बीच जब सब ग्रह आ जाते हैं तो कालसर्प नाम का अशुभ योग बनता है। राहु पापी ग्रह के रूप में जाना जाता है। इसकी अपनी कोई राशि नहीं होती है, इसलिए कुंडली में यह जिस राशि और ग्रह के साथ में होता है उसके अनुसार फल देता है। राहु पाप ग्रह होने के कारण हमेशा बुरा फल दे यह जरूरी नही है। कुंडली में धन प्राप्त हाने के योग भी राहु के द्वारा बन सकते हैं
अष्टलक्ष्मी योग- जब किसी कुंडली में राहु छठे भाव में होता है और 1, 4, 7, 10वें भाव में गुरू होता है तब यह अष्टलक्ष्मी योग बनता है। पापी ग्रह राहु, गुरु के समान अच्छा फल देता है। यह योग जिसकी कुण्डली में होता है वह व्यक्ति धार्मिक, आस्तिक एवं शान्त स्वभाव वाला होता है और यश व सम्मान के साथ-साथ धनवान हो जाता है।
लग्न कारक योग- अगर किसी का लग्र मेष, वृष या कर्क लग्न है तभी यह योग बनता है। कुण्डली में राहु दुसरे, 9वें या दसवें भाव में नहीं है तो उनकी कुंडली में ये योग होता है। कुंडली की इस स्थिति से राहु का अशुभ प्रभाव नही होता क्योंकि उपर बताए गए लग्र वालों के लिए राहु शुभ फल देने वाला होता है। ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है।
राहुकोप मुक्त योग- राहु पहले भाव में हो या तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव में होता है और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो यह योग बनता है। ऐसे में व्यक्ति पर राहु के अशुभ प्रभाव नही पड़ते। ऐसे व्यक्तियों के सभी काम आसानी से होते हैं और उनके जीवन में कभी पैसों की कमी नही होती।
राहु की महादशा लगने पर मानते हैं कि जैसे सब कुछ खत्म हो गया। लेकिन ऐसा नहीं है। राहु और उसकी महादशा हर समय नुकसानदायक नहीं होती। राहु रंक को भी राजा बनाने की क्षमता रखता है। राहु की महादशा में विदेश जाने से बहुत लाभ होता है। विदेश का मतलब है वर्तमान निवास से दूर जाकर कार्य करने से सफलता मिलती है। अगर कुंडली में राहु , चौथे, दसवें, ग्यारहवें या नवें स्थान में अपने मित्र ग्रहों की राशि यानी शनि और शुक्र की राशि (मकर, कुंभ, वृषभ या तुला) में स्थित होता है तो बहुत सफलता दिलाता है।वहीं राहु यदि मिथुन राशि में हो तो कई ज्योतिष विद्वानों द्वारा उच्च का माना जाता है। राहु एक छाया ग्रह है। यह किसी भी राशि का स्वामी नही है। लेकिन यह जिसके अनुकुल हो जाता है उसे जीवन मे बहुत मान सम्मान प्रतिष्ठा और पद प्राप्त होता है। राजनितिज्ञों के लिए तो राहु का अनूकुल होना अत्यधिक फायदेमंद होता है। राहु के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए शनिवार के दिन अपना उपयोग किया हुआ कंबल किसी गरीब को दान करें। काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। अमावस्या को पीपल पर रात में 12 बजे दीपक जलाएं। शनिवार को उड़द के बड़े बनाकर खाएं। -शिवजी पर जल, धतुरा के बीज, चढ़ाएं और सोमवार का व्रत करें।

कनकधारा यंत्र : संपन्न रहने का अचूक उपाय




हम सभी जीवन में ‍आर्थिक तंगी को लेकर बेहद परेशान रहते हैं। धन प्राप्ति के लिए हरसंभव श्रेष्ठ उपाय करना चाहते हैं। धन प्राप्ति और धन संचय के लिए पुराणों में वर्णित कनकधारा यंत्र एवं स्तोत्र चमत्कारिक रूप से लाभ प्रदान करते हैं। इस यंत्र की विशेषता भी यही है कि यह किसी भी प्रकार की विशेष माला, जाप, पूजन, विधि-विधान की माँग नहीं करता बल्कि सिर्फ दिन में एक बार इसको पढ़ना पर्याप्त है।
साथ ही प्रतिदिन इसके सामने दीपक और अगरबत्ती लगाना आवश्यक है। अगर किसी दिन यह भी भूल जाएँ तो बाधा नहीं आती क्योंकि यह सिद्ध मंत्र होने के कारण चैतन्य माना जाता है।    हम दे रहे हैं कनकधारा स्तोत्र का संस्कृत पाठ एवं हिन्दी अनुवाद। आपको सिर्फ कनकधारा यंत्र कहीं से लाकर पूजाघर में रखना है।
यह किसी भी तंत्र-मंत्र संबंधी सामग्री की दुकान पर आसानी से उपलब्ध है। माँ लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए जितने भी यंत्र हैं, उनमें कनकधारा यंत्र तथा स्तोत्र सबसे ज्यादा प्रभावशाली एवं अतिशीघ्र फलदायी है।
।। श्री कनकधारा स्तोत्रम् ।।
अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम।
अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।।
  हम सभी जीवन में ‍आर्थिक तंगी को लेकर बेहद परेशान रहते हैं। धन प्राप्ति के लिए हरसंभव श्रेष्ठ उपाय करना चाहते हैं। धन प्राप्ति और धन संचय के लिए पुराणों में वर्णित कनकधारा यंत्र एवं स्तोत्र चमत्कारिक रूप से लाभ प्रदान करते हैं।      


मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि।
माला दृशोर्मधुकर विमहोत्पले या सा मै श्रियं दिशतु सागर सम्भवाया:।।2।।
विश्वामरेन्द्रपदविभ्रमदानदक्षमानन्द हेतु रधिकं मधुविद्विषोपि।
ईषन्निषीदतु मयि क्षणमीक्षणार्द्धमिन्दोवरोदर सहोदरमिन्दिराय:।।3।।
आमीलिताक्षमधिगम्य मुदा मुकुन्दमानन्दकन्दम निमेषमनंगतन्त्रम्।
आकेकर स्थित कनी निकपक्ष्म नेत्रं भूत्यै भवेन्मम भुजंगरायांगनाया:।।4।।
बाह्यन्तरे मधुजित: श्रितकौस्तुभै या हारावलीव हरि‍नीलमयी विभाति।
कामप्रदा भगवतो पि कटाक्षमाला कल्याण भावहतु मे कमलालयाया:।।5।।
कालाम्बुदालिललितोरसि कैटभारेर्धाराधरे स्फुरति या तडिदंगनेव्।
मातु: समस्त जगतां महनीय मूर्तिभद्राणि मे दिशतु भार्गवनन्दनाया:।।6।।

Thursday, September 1, 2011

शंख एक उपाय अनेक



शंख में लक्ष्मी का वास माना जाता है। इसीलिए जिस घर में शंख होता है, वहां लक्ष्मी का वास अवश्य होता है।
दक्षिणावर्ती और मोती शंख दो ऐसे शंख हैं जिनके उपयोग से हम जीवन की अनेक परेशानियों व समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं। दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी प्रिया, लक्ष्मी भ्राता, लक्ष्मी सहोदरा आदि नामों से जाना जाता है। वेदों में इसे शत्रुओं को परास्त करने वाला, पापों से रक्षा करने वाला, राक्षसों और पिशाचों को वशीभूत करने वला और रोग और दरिद्रता को दूर करने वाला बताया गया है। दक्षिणावर्ती शंख दुर्लभ और अपने आप में चमत्कारी है। इसकी चमक मोती के समान होती है। जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं के निवारण में उक्त दोनों शंख किस प्रकार सहायक होते हैं इसका एक संक्षिप्त विवरण यहां प्रस्तुत है। 

विदेश यात्रा में आने वाली अड़चनों से मुक्ति हेतु- अपनी माता से चावल से भरा एक मोती शंख लेकर उसे संभालकर अपने पास रखें, यात्रा संबंधी रुकावटें शीघ्र दूर हो जाएंगी।

व्यापार में उन्नति हेतु - अपने कारखाने या दुकान में मोती शंख स्थापित करें। कुछ समय पश्चात आप देखेंगे कि व्यापार में आने वाली बाधाएं दूर होने लगेंगी और व्यापार उन्नति के मार्ग पर चल पड़ेगा। 

भरपूर फसलों के लिए - जिस फसल की पैदावार में वृद्धि की कामना हो, उसके कुछ बीज एक मोती शंख में डालकर अपने पूजा स्थल पर रखें, पैदावार भरपूर होगी। 

चेहरे की कांति में वृद्धि हेतु- मोती शंख को रात्रि में पानी से भरे किसी कांच के बर्तन में रखें। प्रातः उस पानी को पी लें। यह क्रिया रोज करें, चेहरे पर चमक व कांति आएगी और आंतों के रोग दूर होंगे। इसके अतिरिक्त इस शंख को रोज चेहरे पर हल्के-हल्के फेरें, चेहरा मोती की तरह चमकने लगेगा। यह क्रिया करने से लड़कियों के चेहरों पर पड़ने वाले दाग व मुंहासे शीघ्र दूर होने लगते हैं। 

 
मानसिक रोगों से मुक्ति हेतु- मोती शंख में चावल भरकर मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्ति के सिर के ऊपर से सात बार उतार कर जल में प्रवाहित कर देने से उसे रोग से मुक्ति मिल सकती है। 

पति-पत्नी के बीच प्रेम की प्रगाढ़ता के लिए- कांच के एक कटोरे में लघु मोती शंख रख कर उसे अपने बिस्तर के नजदीक रखें। इससे कमरे के आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी और पति-पत्नी में प्रेम बढ़ेगा। 

लक्ष्मी की कृपा के लिए- दक्षिणावर्ती शंख लक्ष्मी का साक्षात रूप है। इस शंख को घर में स्थापित करें, लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहेंगी।

ऋण से मुक्ति के लिए- यदि आप ऋण् के बोझ तले दबे हुए हैं, लाख कोशिशों के बावजूद मुक्ति नहीं मिल पा रही, तो घर, दुकान या कार्यालय में दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करें, आश्चर्यजनक परिणाम सामने आएंगे। 


 भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति दक्षिणावर्ती शंख में थोड़ा गंगा जल डालकर सारे घर में छिड़कें, भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति मिलेगी।

सही जजमेंट करते हैं शनि -- शनि की कोर्ट में होता है सही न्याय



मान्यता है कि सूर्य है राजा, बुध है मंत्री, मंगल है सेनापति, शनि है न्यायाधीश, राहू-केतु है प्रशासक, गुरु है अच्छे मार्ग का प्रदर्शक, चंद्र है आपका मन और शुक्र है वीर्य बल। यह भ्रांति मन से निकाल दें की कोई ग्रह व्यक्ति रूप में विद्यमान है। सारे ग्रह ठोस पदार्थ है, और यह भी सच है कि इनके प्रभाव से आप बच नहीं सकते हैं। बचाने वाले कोई और है।
शनि के कार्य :
जब समाज में कोई व्यक्ति अपराध करता है, पाप करता है या धर्म विरुद्ध आचरण करता है तो शनि के आदेश के तहत राहु और केतु उसे दंड देने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। शनि की कोर्ट में दंड पहले दिया जाता है, बाद में मुकदमा इस बात के लिए चलता है कि आगे यदि इस व्यक्ति के चाल-चलन ठीक रहे तो दंड की अवधि बीतने के बाद इसे फिर से खुशहाल कर दिया जाए या नहीं।
यदि चाल-चलन ठीक नहीं रहते हैं तो राहु और केतु को उक्त व्यक्ति के पीछे लगा दिया जाता है। राहु सिर में मार करता है तो केतु आपके पैरों को तोड़ने का प्रयास करता है। यदि इन दोनों से आप बचते रहे तो, कोर्ट, जेल या फिर अस्पताल में से किसी एक के या सभी के आपको चक्कर जरूर काटना पड़ेगा।
शनि अर्थात न्यायाधीश के फरमान को उलटने का कार्य कोई भी ग्रह नहीं करता है। जब एक बार एफआईआर दर्ज हो गई तो फिर कुछ नहीं हो सकता। कहते हैं कि मंगल के उपाय करने से शनि शां‍त हो जाएगा तो यह मन को समझाने वाली बात मानी गई है। राजा भी शनि के कार्य में दखल नहीं देता।
शनि या फिर राजा के पास सच्चे मन से 'रहम अर्जी' लगाई जाए तो कुछ हो सकता है। लेकिन किसी भी शनि मंदिर जाने से कुछ नहीं होगा। शनि के इस देश में केवल तीन ही मंदिर है वहीं अर्जी लगती है बाकी का कोई महत्व नहीं।
शनि को यह पसंद नहीं-
शनि को पसंद नहीं है जुआ-सट्टा खेलना, शराब पीना, ब्याजखोरी करना, परस्त्री गमन करना, अप्राकृतिक रूप से संभोग करना, झूठी गवाही देना, निर्दोष लोगों को सताना, किसी के पीठ पीछे उसके खिलाफ कोई कार्य करना, चाचा-चाची, माता-पिता और गुरु का अपमान करना, ईश्वर के खिलाफ होना, दांतों को गंदा रखना, तहखाने की कैद हवा को मुक्त करना, भैंस या भैसों को मारना, सांप, कुत्ते और कौवों को सताना।
शनि के मूल मंदिर जाने से पूर्व उक्त बातों पर प्रतिबंध लगाएं।

Wednesday, August 31, 2011

भूमि भवन सुख दायक प्रयोग

आज आपको मिलेगा संम्पति सुख 
बिना तोड़ फोड़-दूर होगा वास्तु दोष 
घर में होगी सुख शान्ति 
धर्म कर्म और अन्न धन से भर उठेगी गृहस्थी 
क्योंकि आपके घर सब सुख लाने वाला है 
सागर का एक चमत्कारी कछुआ !

यदि आपको लगता है कि आपके पास ही घर क्यों नहीं है? आपके पास ही संपत्ति क्यों नहीं है?
क्या इतनी बड़ी दुनिया में आपको थोड़ी सी जगह मिलेगी भी या नहीं तो परेशान मत होइए केवल कूर्म स्वरुप विष्णु जी की पूजा कीजिये 
विष्णु जी की प्रतिमा के सामने कूर्म की प्रतिमा रखें या कागज पर बना कर स्थापित करें 
इस कछुए के नीचे नौ बार नौ का अंक लिख दें 
भगवान् को पीले फल व पीले वस्त्र चढ़ाएं 
तुलसी दल कूर्म पर रखें और पुष्प अर्पित कर भगवान् की आरती करें 
आरती के बाद प्रसाद बांटे व कूर्म को ले जा कर किसी अलमारी आदि में छुपा कर रख लेँ 
इस प्रयोग से भूमि संपत्ति भवन के योग रहित जातक को भी इनका सुख प्राप्त होता है 
वास्तु स्थापन प्रयोग
 
यदि आपका दरवाजा खिड़की कमरा रसोई घर सही दिशा में नहीं हैं तो उनको तोड़ने की बजाये 
उनपर कछुए का निशान इस तरह से बनाये कि कछुए का मुख नीचे जमीन की ओर हो और पूंछ आकाश की ओर 
ये प्रयोग शाम को गोधुली की बेला में करना चाहिए 
कछुए को रंग से या रक्त चन्दन कुमकुम केसर से भी बनाया जा सकता है 
कछुए का निर्माण करते समय मानसिक मंत्र का जाप करते रहें 
मंत्र-ॐ कूर्मासनाय नम:
कछुया बन जाने पर धूप दीप कर गंगा जल के छीटे दें 
इस तरह प्रयोग करने से गलत दिशा में बने द्वार खिड़की कक्ष आदि को तोड़ने की आवश्यकता नहीं होती ऐसा शास्त्रीय कथन है

Friday, August 26, 2011

जड़ी-बूटियों की तांत्रिक उपयोगिता




वनस्पतियों में अदभुत गुण हैं. उनकी शक्ति उनका प्रभाव अदभुत और असंदिग्ध हैं. यहाँ मैं ऐसी ही उपयोगी जड़ी-बूटियों और पौधों की जानकारी दे रहा हूँ

हाथाजोडी वनस्पति के रूप में जड़ हैं. मानव कंकाल की प्रकृति से साम्य रखनेवाली हाथाजोडी तंत्र-शास्त्र की अदभुत वस्तु हैं. शालिम मिश्री जैसी चिकनी और उसी रंग की होती हैं. किसी रविपुष्प योग में हाथाजोडी को पंचामृत में स्नान कराके लाल आसन पर स्थापित करें, फिर उसे सिंदूर भरी डिब्बी में रख लें. इसके रखने से गले एवं वाणी की दोष एवं रोग नहीं होते हैं. व्यक्तित्व को प्रभावी बनाती हैं. परिवार में प्रेत बाधा या भय की स्थिति नहीं रहती हैं. आत्म-विश्वास में वृद्धि होती हैं.

वांदा वांदा, वंदा अथवा बंदाल नाम की परोपजीवी वनस्पति प्रात: आम, पीपल, महुआ, जामुन आदि के पेड़ों पर देखी जाती हैं. इसके पतले, लाल गुच्छेदार फूल और मोटे कड़े पत्ते पीपल के पत्ते की बराबर होते हैं.

भरणी नक्षत्र में कुश का वांदा लाकर पूजा के स्थान पर रखने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं.

पुष्प नक्षत्र में इमली का वांदा लाकर दाहिने हाथ में बाँधने से कंपन के रोग में आराम मिलेगा.

मघा नक्षत्र में हरसिंगार सज वांदा लाकर घर में रखने से समृद्धि एवं सम्पन्नता में वृद्धि होती हैं.

विशाखा नक्षत्र में महुआ का वांदा लाकर गले में धारण करने से भय समाप्त हो जाता हैं. डरावने सपने नहीं आती हैं. शक्ति (पुरुषत्व) में वृद्धि होती हैं.

लटजीरा देहातों में जंगल तथा घरों के आसपास बरसात में एक पौधा उगता हैं. यह लाल एवं श्वेत किसी भी रंग का हो सकता हैं.
लाल लटजीरा की टहनी से दातुन करने पर दांत के रोग से मुक्ति मिलेगी. तथा सम्मोहन की शक्ति में वृद्धि होगी.
लटजीरा की जड़ को जलाकर भस्म बना लें. उसे दूध के साथ पीने से संतानोत्पति की क्षमता आ जाती हैं.
सफ़ेद लटजीरा की जड़ रविपुण्य नक्षत्र में लाने के बाद उसे अपने पास रख लें, जिससे नर्वसनेस समाप्त होगी. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी.

लक्ष्मणा बूटी देहात में इसे गूमा कहते हैं. वैधवर्ग इसे लक्ष्मण बूटी कहते हैं. श्वेत लक्ष्मण का पौधा ही तांत्रिक प्रयोग में लाया जाता हैं.
संतानहीन स्त्री, स्वस्थ एवं निरोगी हैं, तो वह श्वेत लक्ष्मण बूटी की २१ गोली बना ले, इसे गाय के दूध के साथ लगातार प्रात: एक गोली २१ दिन तक खाए, तो संतान लाभ मिलता हैं.
श्वेत लक्ष्मणा की जड़ को घिसकर तिलक नियमित रूप से लगाये, तो नर्वसनेस समाप्त होगी. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी.

मदार मदार, मंदार, अर्क अथवा आक के नाम से प्राय: सभी इस पौधे से परिचित हैं. इसके पुष्प शिवजी को अर्पित किये जाते हैं. लाल एवं श्वेत पुष्प के मदार के पेड़ होते हैं. श्वेत पुष्प वाले मदार का तांत्रिक प्रयोग होता हैं.
रविपुष्प के दिन मदार की जड़ खोद लाए, उस पर गणेशजी की मूर्ति बनाये. वह मूर्ति सिद्ध होगी. परिवार के अनेक संकट मात्र मूर्ति रखे से ही दूर हो जायेंगे. यदि गणेशजी की साधना करनी हैं, तो उसके लिए सर्वश्रेष्ठ वह मूर्ति होगी.
रविपुष्प में उसकी जड़ को बंध्या स्त्री भी कमर में बंधे तो संतान होगी. रविपुष्प नक्षत्र में लायी गयी जड़ को दाहिने हाथ में धारण करने से आर्थिक समृधि में वृद्धि होती हैं.

काली हल्दी टोटके


टोटके
- काली हल्दी के 7 से 9 दाने बनाएं। उन्हें धागे में पिरोकर धूप, गूगल और लोबान से शोधन करने के बाद पहन लें। जो भी व्यक्ति इस तरह की माला पहनता है वह ग्रहों के दुष्प्रभावों से व टोने- टोटके व नजर के प्रभाव से सुरक्षित रहता है।
- गुरु पुष्य योग में काली हल्दी को सिंदूर में रखकर धूप देने के बाद लाल कपड़े में लपेटकर एक सिक्के के साथ वहां रख दें जहां आप पैसे रखते हैं। इसके प्रभाव से धन की वृद्धि होने लगती है।
- यदि आप किसी भी नए कार्य के लिए जा रहे है तो काली हल्दी का टीका लगाकर जाएं। यह टीका आपको सफलता दिलाएगा।
- यदि आप किसी को आकर्षित करना चाहते हैं तो प्रतिदिन काली हल्दी का तिलक लगाएं। किसी को भी आकर्षित करने के लिए काली हल्दी का तिलक एक सरल तांत्रिक उपाय है।
- काली हल्दी का चूर्ण दूध में डालकर चेहरे और शरीर पर लेप करने से त्वचा में निखार आ जाता है।

Sunday, August 14, 2011

आपके ज्यादातर कार्य असफल हो रहे हैं तो यह करें-

आप चाहते हैं की आपके द्वारा किये गए कार्य सफल हो लेकिन कार्य के प्रारम्भ होते ही उसमें विध्न आ जाते हैं और वह असफल हो जाते हैं इसके लिए आप यह करें: प्रातःकाल कच्चा सूत लेकर सूर्य के सामने मुंह करके खड़े हो जाएं। फिर सूर्य देव को नमस्कार करके 'ॐ हीं घ्रणि सूर्य  आदित्य श्रीम' मंत्र बोलते हुए सूर्य देव को जल चढ़ाएं। जल में रोली, चावल, चीनी तथा लाल पुष्प दाल लें। इसके पश्चात कच्चे सूत को सूर्य देव की तरफ करते हुए गणेशजी का स्मरण करते हुए सात गाँठ लगाएं। इसके पश्चात इस सूत को किसी खोल में रखकर अपनी कमीज की जेब में रख लें, आपके बिगड़े कार्य बनाने लगेंगे। 

अपने व्यापार में करें मनोवांछित उन्नति- 
अगर आप अपने व्यापार में मनोवांछित उन्नति करना चाहते हैं तो सोमवार को प्रातः नवनिर्मित अंगूठी को गंगाजल में धोकर गाय के दूध में डुबो दें, उसमें थोड़ी-सी शक्कर, तुलसी के पत्ते और कोई भी सफ़ेद फूल डाल दें। इसके पश्चात स्नान ध्यान से निवृत्त होकर अंगूठी को पहन लें। ऐसा करने से व्यापार में मनोवांछित उन्नति प्राप्त होगी।
अगर आप चाहते हैं की आपके प्रतिष्ठान में बिक्री ज्यादा हो तो यह करें 

आप अपने व्यापार में अधिक पैसा प्राप्त करना चाहते हैं और चाहते हैं की आपके व्यापार की बिक्री बढ़ जाए तो आप वट वृक्ष की लता को शनिवार के दिन जाकर निमंत्रण दे आएं। (वृक्ष की जड़ के पास एक पान, सुपारी और एक पैसा रख आएं) रविवार के दिन प्रातः काल जाकर उसकी एक जटा तोड़ लाएं, पीछे मुड़कर न देखें। उस जटा को घर लाकर गुग्गल की धूनी दें तथा 101 बार इस मंत्र का जप करें- 
ॐ नमो चण्ड अलसुर स्वाहा।  
इच्छा के विरूद्ध कार्य करना पड़ रहा हो तो- 

अगर आपको किसी कारणवश कोइ कार्य अपनी इच्छा के विपरीत करना पड़ रहा हो तो आप कपूर और एक फूल वाली लौंग एक साथ जलाकर दो-तीन दिन में थोड़ी-थोड़ी खा लें। आपकी इच्छा के विपरीत कार्य होना बंद हो जाएगा।
भाग्योदय करने के लिए करें यह उपाय-

अपने सोए भाग्य को जगाने के लिए आप प्रात सुबह उठकर जो भी स्वर चल रहा हो, वही हाथ देखकर तीन बार चूमें, तत्पश्चात वही पांव धरती पर रखें और वही कदम आगे बाधाएं। ऐसा नित्य-प्रतिदिन करने से निश्चित रूप से भाग्योदय होगा।
मंदी से छुटकारा पाएं ऐसे- 

अगर आपके व्यापार में मंदी आ गयी है या नौकरी में मंदी आ गयी है तो यह करें। किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें। शीघ्र ही मंदी का असर जाता रहेगा और आपके व्यापार में जान आ जाएगी।